Tuesday, August 05, 2008

शब्द जादुई हुआ करते हैं

शब्द जादुई हुआ करते हैं
समझने वाले के लिए,
केवल एक आवाज होते हैं
न समझने वाले के लिए,
एक आह्वान भी हो सकते हैं
आतताइयों से लड़ने को,
एक नारा भी हो सकते हैं
चुनाव लड़ने को,
एक मरहम भी हो सकते हैं
चोट खायों के लिए,
एक गाली भी हो सकते हैं
किन्हीं दुर्भाग्यवानों के लिए,
जीने मरने का कारण
वे बन सकते हैं,
मरते हुए को
जिला सकते हैं,
शब्द जादुई हुआ करते हैं।

घुघूती बासूती

राजेन्द्र राजन की एक कविता 'शब्द वही हो तो भी' पर टिप्पणी ।

29 comments:

  1. बिल्कुल सत्य:

    शब्द जादुई हुआ करते हैं।


    -वाह!! बहुत खूब.

    ReplyDelete
  2. कोई जादू नहीं,शब्दों में
    जादू उन होठों में है
    जिन्हें छूकर वे बाहर आते हैं,
    जादू है उन में
    जो उन्हें सजाते हैं।

    ReplyDelete
  3. बेहतरीन कविता,

    ReplyDelete
  4. सुन्दर कविता। दिनेशजी की टिप्पणी बहुत अच्छी लगी।

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया - बात भी, रचना भी.

    ReplyDelete
  6. शब्दों के जादू को प्रस्तुत करती आपकी रचना बेहतरीन है, बधाई स्वीकारें..


    ***राजीव रंजन प्रसाद

    ReplyDelete
  7. bahut sundar badhai.

    ReplyDelete
  8. शब्द जादुई हुआ करते हैं।


    शब्द की जुबान ही दिल की जुबान है और वह जादू करती है ..अच्छा या बुरा .बहुत सुंदर लगी आपकी यह रचना

    ReplyDelete
  9. वाकई जादुई है आपके शब्द.. कितनी सुंदर तरीके से लिखी गयी रचना स्वयं में अनगिनत भाव समेटे हुए

    ReplyDelete
  10. शब्द जादुई हुआ करते हैं। और आप जादूगरनी हुई जा रही हैं।

    ReplyDelete
  11. बिल्कुल सत्य.
    सुन्दर कविता.
    बधाई स्वीकारें.

    ReplyDelete
  12. kewal ek aawaj hote hain ,n samajhane waalon ke liye....... wakai aapke shabdon me jaadoo hai

    ReplyDelete
  13. शब्द कभी आंसू तो कभी हँसी हुआ करतें हैं बिल्कुल सही शब्द जादुई हुआ करतें हैं .

    ReplyDelete
  14. हम तो हमेशा से ये मानते आये है .........

    ReplyDelete
  15. bahut sundar..shabd vakayi jaadui hotey hain..badi acchhi baat kahi aapney

    ReplyDelete
  16. अरे.. कुछ दिन पहले मैं अपने चिट्ठे पर बोल रहा था की बचपन जादुई होता है और आज आप कह रही हैं कि शब्द जादुई होता है..
    देख्ये, हमें कंफ्यूज मत किजिये.. :)

    ReplyDelete
  17. चोट खायों के लिए,
    एक गाली भी हो सकते हैं...
    शब्द जादुई हुआ करते हैं।
    हां, शब्दों में जादू होता है...
    सुंदर...अति उत्तम।।।।

    ReplyDelete
  18. जादू ग़र शब्दों में होता
    तो जादूगर ना होता
    शब्दों को जादू से पिरोया
    या जादू शब्दों से पिरोया

    कामोद

    ReplyDelete
  19. Rachana6:01 pm

    नमस्ते दीदी! कैसी हैं आप ?
    आज कई दिनो बाद आपको मेरे ब्लॉग पर देख मुझे बहुत खुशी हुई..शुक्रिया. सच कहती हैं आप- शब्द जादुई होते हैं, वे खुशी, आशा और हौसला भी देते हैं..

    ReplyDelete
  20. जीने मरने का कारण
    वे बन सकते हैं,
    मरते हुए को
    जिला सकते हैं,
    शब्द जादुई हुआ करते हैं।
    ........सचमुच शब्द जादुई हुआ करते हैं।

    ReplyDelete
  21. शब्दोँ की जादूगरी
    मन मोहनेवाली होती है जी
    - लावण्या

    ReplyDelete
  22. jaadu us kalam main jo use likh rahi hoti hai
    bhaut achha likhti hai aap
    baat ko itni saralata se kaha jana achha laga

    ReplyDelete
  23. शब्द जादुई हुआ करते हैं
    समझने वाले के लिए,
    केवल एक आवाज होते हैं
    न समझने वाले के लिए,
    एक आह्वाहन भी हो सकते हैं
    बहुत सुन्दर लिखा है। बधाई स्वीकारें।

    ReplyDelete
  24. वाकई शब्द जादुई से होते हैं।
    यह तो पहले से ही मानता आ रहा हूं कि शब्द मात्र शब्द नही होते।

    रविश जी से सहमत हूं आजकल आप अपने जादुई शब्दों के सहारे जादूगरगनी होती जा रही हो।
    हे हे हे!

    ReplyDelete
  25. शब्द शोर भी हो सकते हैं
    और
    संगीत भी.
    जादू उसके इस्तेमाल में है.
    =======================
    आपने अच्छी टिप्पणी की है.
    कविता की अंतर्दृष्टि
    आपमें बोलती-सी है.
    बधाई
    डा.चन्द्रकुमार जैन

    ReplyDelete
  26. sach hi to hai...shabdon par bhaavna ka rang aur anubhooti ki dhoop banaye hai jeevan ka indradhanush

    ReplyDelete
  27. शब्द को तो ब्रह्म कहा ही गया है

    ReplyDelete
  28. सही कहा आपने। शब्द तो जादुई होते ही हैं, बशर्ते वे सही समय पर सही जगह पर सही व्यक्ति के लिए निकलें।

    ReplyDelete