शब्द जादुई हुआ करते हैं
समझने वाले के लिए,
केवल एक आवाज होते हैं
न समझने वाले के लिए,
एक आह्वान भी हो सकते हैं
आतताइयों से लड़ने को,
एक नारा भी हो सकते हैं
चुनाव लड़ने को,
एक मरहम भी हो सकते हैं
चोट खायों के लिए,
एक गाली भी हो सकते हैं
किन्हीं दुर्भाग्यवानों के लिए,
जीने मरने का कारण
वे बन सकते हैं,
मरते हुए को
जिला सकते हैं,
शब्द जादुई हुआ करते हैं।
घुघूती बासूती
राजेन्द्र राजन की एक कविता 'शब्द वही हो तो भी' पर टिप्पणी ।
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Tuesday, August 05, 2008
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