Thursday, April 15, 2010

ब्लॉग लेखक की गिरफ्तारी। .........................................घुघूती बासूती

किसी भी सुविधा का उपयोग मनुष्य अपने मूलभूत स्वभाव के अनुसार करता है। जब भी कोई नई खोज या आविष्कार होता है तो लोग अपनी प्रकृति के अनुसार उसके उपयोग ढूँढ लेते हैं। जेबकतरा शेविंग ब्लैड जेब काटने के लिए, आत्महत्या का प्रयास करने वाला कलाई कि नसें काटने, हत्यारा गला काटने के लिए व विद्यार्थी पैंसिल छीलने के लिए कर लेते हैं। नशेड़ी खाँसी की दवा में नशा ढूँढ लेता है। वस्तु कितनी भी अच्छी क्यों न हो उसका उपयोग वैसा ही होता है जैसा व्यक्ति स्वयं होता है।

यही हाल नेट का भी है। नेट का उपयोग कोई जानकारी पाने के लिए करता है, मेल भेजने, गप्प मारने, ब्लॉग लिखने, नेट बैंकिंग, शेयर खरीदने बेचने आदि आदि के लिए करता है। किन्तु धोखाधड़ी करने वाला धोखे के लिए करता है, लोगों को चूना लगाने के लिए करता है। ब्लॉग लेखन कोई अपने मन की बात लोगों तक पहुँचाने को करता है तो कोई किसी व्यक्ति, संस्था, धर्म या किसी अन्य के विरुद्ध लिखने, उसकी छवि धूमिल करने के लिए करता है।

१५.‍०४.‍२०१० के मुम्बई मिरर के मुख्य पृष्ठ पर ऐसे ही एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का समाचार छपा है जिसपर अभियोग लगाया गया है कि वह अपने ब्लॉग का प्रयोग ग्लोबल इन्डियन फाउन्डेशन नामक संस्था की बदनामी के लिए करता था। ग्लोबल इन्डियन फाउन्डेशन ग्लोबल इन्डियन इन्टरनेशनल स्कूल चलाती है। इसके सिंगापुर स्कूल में अभियुक्त काम करता था। वहाँ से कुछ गड़बड़ियों के कारण उसे निकाल दिया गया था अतः वह ग्लोबल इन्डियन इन्टरनेशनल स्कूल पेरेन्ट्स फोरम फोर ए बैटर GIIS नामक ब्लॉग चला रहा था जिसमें संस्था के बोर्ड के सदस्यों के बारे में अपमानजनक बातें कही जाती थीं। इस ब्लॉग के सिंगापुर निवासी को मॉडरेटर को पहले पकड़ा गया। फिर उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अब भारत में रहकर काम करने वाले अभियुक्त को पकड़ा गया।

आगे जाँच व मुकदमे में क्या होगा कहा नहीं जा सकता किन्तु इतना तो सिद्ध हो जाता है कि ब्लॉग का दुरुपयोग हम अपनी व्यक्तिगत खुन्दक निकालने के लिए किसी की मानहानि करने के लिए करेंगे तो अदालत के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। को मॉडरेटर होना भी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, विशेषकर तब जब हम मॉडरेटर व उसके इरादों को जानते न हों।

यह समाचार १५.‍०४.‍२०१० के www.mumbaimirror.com पर पढ़ा जा सकता है।

घुघूती बासूती

43 comments:

  1. कितनी काम की जानकारी है । ब्लॉगिंग भी लोक व्यक्तिगत खुंदक निकालने के लिये करते हैं और औसे लोगों को पढने वाले भी मिल जाते हैं । आपका धन्यवाद ।

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  2. जो बात आप ने इस आलेख के अंत में कही है, वह पहले भी कही जा चुकी है। शायद अब उस का प्रभाव हो।

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  3. HAR CHIJ KO KANOONI DAYRE MAIN RAHKAR KARNA CHAHIYE AUR KHAS KAR JHOOTHA PRCHAR TO KISI KE WARE MAIN BHI NAHI KARNA CHAHIYE.HAN AAPKI BATEN SACHCHI HAI TO KANOON SE KYA DARNA.KANOON TO HAR HAL MAIN SATY KI RAKSHA KE LIYE HAI AUR USE WAISA KARNA BHI CHAHIYE.

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  4. अब शायद कुछ लोगों को सबक मिले.....

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  5. ना जी.. हम हिंदी वाले जब तक अपने सर पर डंडे ना पड़े तब तक नहीं मानेंगे..

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  6. अब भी लोग सतर्क हो जायें तो ठीक!

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  7. पर उनका क्या जिनका नारा है हम नहीं सुधरेंगे.

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  8. अच्छा चेताया आपने !

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  9. बहुत ही काम की जानकारी दे दी है आपने ...
    अब यहाँ का मौसम कुछ बदले शायद ...!!

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  10. आपने अच्छा किया जो खबरदार किया पर...मित्रगण समझेंगे ?

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  11. हिंसक मओवादिओं का महिमामंडन करने वालों का तो कुछ भी नहीं हुआ अब तक.

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  12. बहुत सही ! हिन्दी ब्लॉग जगत में भी इस समय कुछ लोग अपने ब्लॉग का उपयोग सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के लिये कर रहे हैं, पर मुझे तो नहीं लगता कि उन पर इस बात का कोई असर पड़ेगा. प्रशान्त सही कह रहे हैं, जब तक खुद सिर पर डंडा नहीं खायेंगे, तब तक नहीं सुधरेंगे ये लोग. काश, कोई नियामक संस्था होती, कुछ तटस्थ लोगों की...पर शायद उसे भी लोग अपने हिसाब से इस्तेमाल करने लग जायें.

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  13. अच्छी जानकारी घुघूती जी. धन्यवाद.

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  14. अच्छा!?

    क्या किसी को इसका मतलब समझ आ रहा है?
    समझ में आ भी रहा हो तो क्या कोई फर्क आएगा?

    बी एस पाबला

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  15. बुरे काम का बुरा नतीजा..!
    अच्छी जानकारी देने के लिए आभार।

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  16. आप ऐसे ही नई-नई जानकारिया देते रहें!

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  17. सावधानी में ही समझदारी है....अच्छी जानकारी के लिए आभार

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  18. बहुत काम की जानकारी दी आपने ! शुक्रिया !

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  19. इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आभार.

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  20. जरूरी पोस्ट ....

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  21. उपयोगी सूचना… चेतावनी के लिये धन्यवाद… आप हमेशा कुछ "हट के" मैटर लाती हैं… इसीलिये आपके ब्लॉग पर आना अच्छा लगता है।

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  22. आप सार्वजनिक रूप से कोई बात कहते है तो जिम्मेदारी से भी बच नहीं सकते.

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  23. कौन कब नाराज हो जाये! ब्लॉगिंग के इतर भी आलोचना पर गिरफ्तार होते रहे हैं लोग।
    ब्लॉगिंग गंगाजल से धुली तो नहीं! :)

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  24. galat ka natija galat hona hi hai der saber.

    ab yah to karne wale ko khud hi sochna hoga ki vah kya kar raha hai.

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  25. हम अगर ये उम्मीद लगा कर बैठे है के कंप्यूटर खरीदने वाला ओर उसे इस्तेमाल करने वाला इस देश की सिर्फ पढ़ी लिखी जमात को प्रजेंट करेंगा .......खुशफहमी है ... ......दरअसल हम सब ढोंगी है अपने ज़माने के .....सब जानते है किस बात पे वाह- वाह करनी है ओर कौन सी बात असल जीवन में उतारनी है ....हम कागजो में कुछ ओर नजर आते है ओर असल जीवन में कुछ ओर.

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  26. घुघूती जी,

    अपने सचेत किया है, यह बहुत अच्छी बात है किन्तु हम जो अपनी अपनी दूकान खोल कर बैठे हैं, क्या पेश कर रहे हैं? यह हम लोगों की मर्जी है और पिछले कुछ दिन पहले कुछ प्रबुद्ध जन भी ऐसा ही कुछ कर रहे थे - आरोप - प्रत्यारोप. कम से कम हम प्रबुद्ध जनों से ऐसी उम्मीद कर सकते हैं की जो भी लिखे या ब्लॉग पर डाले व्यक्तिगत प्रतिशोद या फिर आक्षेप से इतर हो तो अच्छा है, एक स्वस्थ मानसिकता वाली प्रस्तुति ही ब्लॉग को समृद्ध बनाएगी.

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  27. न सिर्फ ब्लॉग पोस्ट, बल्कि उस पर आई टिप्पणियों के प्रकाशन के लिए भी ब्लॉग मालिक उत्तरदायी रहेगा अतः इस ओर भी सदैव उतना ही ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है

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  28. 'prevention is better than cure '

    we need to be careful in all walks of life.

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  29. ab ho jaaye saawdhan bhai sahaab!badhiya jaankaari bhara lekh!


    kunwar ji,

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  30. अच्छी जानकारी दी आभार।रवि जी की बात भी ध्यान देने योग्य है।

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  31. बहुत ही उपयोगी जानकारी।

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  32. शायद 'कुछ लोगों' को इससे सबक मिले.

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  33. ऐसा भी होता है ....!

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  34. बढिया जानकारी दी।

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  35. जो लोग टिप्पड़ियों की संख्या बढ़ाने के लिए , " बदनाम हुए तो क्या नाम तो होगा " की राह पर चल रहे हैं उन्हे शायद कुछ शिक्षा मिले ।

    पर शायद ही मिले ।

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  36. किन्तु इतना तो सिद्ध हो जाता है कि ब्लॉग का दुरुपयोग हम अपनी व्यक्तिगत खुन्दक निकालने के लिए किसी की मानहानि करने के लिए करेंगे तो अदालत के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। को मॉडरेटर होना भी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, विशेषकर तब जब हम मॉडरेटर व उसके इरादों को जानते न हों।..
    यह काबिले गौर है...

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  37. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    इसे 17.04.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह 06 बजे) में शामिल किया गया है।
    http://chitthacharcha.blogspot.com/

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  38. बहुत अच्छी जानकारी दी आपने.......

    आभार....



    regards....

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  39. hoshiyaar log is samachar se sabak len tab to baat bane..

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  40. सोच समझ कर कार्य करना ही अच्छा है ।

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