Tuesday, November 17, 2009

आपातकालीन गर्भनिरोधक क्या कोई आपदा तो नहीं लाएगा?

गर्भनिरोधक की हर खोज ने स्त्री को कुछ और मुक्ति दी है, कुछ और विकल्प दिए हैं। जीवन जीने की शैली का चुनाव, बच्चे हों या न हों, हों तो कितने व कब, यह सब चुनाव तभी संभव हुआ जबसे गर्भनिरोधक का विकल्प उसे मिला। उससे पहले उसके पास यदि विकल्प नाम की कोई वस्तु थी तो केवल विवाह करना या न करना ही था। वह विकल्प भी विरली स्त्रियों को ही उपलब्ध था। यदि हम नारी मुक्ति का छोटा सा इतिहास देखें तो उनकी मुक्ति का लगभग सबसे बड़ा श्रेय अपनी प्रजनन शक्ति पर खुद के नियंत्रण को ही जाएगा। जो स्त्रियाँ आज भी मातृत्व के बारे में स्वयं निर्णय नहीं ले पातीं वे आज भी मुक्त नहीं हैं।

पुरुष को भी इससे काफी लाभ हुए हैं। आज के कठिन जीवन में छोटा परिवार उसे भी काफी सीमा तक राहत दे रहा है, साथ ही साथ निश्चिन्त वैवाहिक जीवन जीने का अवसर भी।

विवाह करने की उम्र बढ़ती ही जा रही है। स्वाभाविक है कि प्रत्येक व्यक्ति ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए इतनी प्रतीक्षा नहीं करता। ये सब उपाय उनके लिए भी मुक्ति का साधन हुए हैं। कन्डोम ने यौन रोगों के भय से भी काफी सीमा तक मुक्ति दी है। इसके सिवाय हर उपाय का कुछ न कुछ मूल्य स्त्री के शरीर ने ही चुकाया है। किन्तु फिर भी यदि हानि लाभ को तोला जाए तो लाभ ही अधिक हुए हैं।

अब यह नई एमर्जेन्सी गोली आ गई है। इसके विज्ञापन में ही कहा जाता है कि यह गर्भपात से बेहतर है। जोकि गलत नहीं हो सकता। किन्तु क्या साथ में यह नहीं बताया जाना चाहिए कि यह केवल और केवल आपातकाल के लिए है इसका गर्भनिरोधक की तरह उपयोग नहीं होनी चाहिए? कोई जीवन में दो चार बार ले तो समझा जा सकता है किन्तु यदि इसे बार बार लिया जाए तो यह अपने शरीर के हॉर्मोन्स के साथ खिलवाड़ है। कहीं नहीं बताया जाता कि कौन इसे न ले। यदि इसके विषय में पढ़ें तो पता चलेगा कि levonorgestrel से जिसे एलर्जी हो वे नहीं ले सकते, या फिर जो दमे, रक्तचाप, मधुमेह या टी बी आदि की दवा ले रहे हों उन्हें डॉक्टर से सलाह लेकर ही यह गोली खानी चाहिए।

सिरदर्द की गोली की तरह यदि स्त्रियाँ इसका उपयोग करने लगेंगी तो इसका दीर्घकालीन परिणाम क्या होगा हमें पता नहीं है। हो सकता है कि गोली लेने के बाद केवल छोटे मोटे दुष्प्रभाव ही होते हों जैसे मितली, चक्कर, सिरदर्द। फिर भी एक दो दुष्परिणाम होने का भय तो है ही। ठीक वैसे ही जैसे हर अच्छी वस्तु के साथ होता है। ये दो परिणाम हो सकते हैं यौन रोग और पुरुष का अपने उत्तरदायित्व से मुँह मोड़ना।

यदि इस गोली का प्रयोग विवाहेतर या विवाहपूर्व सम्बन्धों में किया गया तो यौन रोगों के बढ़ने की सम्भावना अधिक हो जाएगी।

पुरुष आज तक खुद की नसबंदी से बचने की कोशिश में लगा रहता था। किन्तु कुछ पुरुष अनचाही संतान के भय से नसबंदी करा लेते थे, क्योंकि अन्य कारणों के अलावा उन्हें कॉन्डोम में शतप्रतिशत सुरक्षा नहीं महसूस होती थी। अब वे सोच सकते हैं कि यदि कभी दुर्घटना घटी तो यह गोली तो है ही ना।

हाल में सुना कि एक युवती का विवाह हुआ। पति विवाह के कुछ दिन बाद विदेश लौटने वाला था सो गर्भनिरोधक गोली या अन्य उपाय करने की बजाए युवती ने रोज आइ पिल खाई। यह हाल तो पढ़ी लिखी कामकाजी युवती का था तो फिर अनपढ़ या कम पढ़ी लिखी युवतियाँ कितनी सतर्क हो्गी यह सोचने की बात है। शायद तम्बाकू की तरह ही इस गोली के विज्ञापन के साथ भी चेतावनी दिखाई जानी चाहिए। यह गोली बलात्कार या किसी अन्य आपदा में तो वरदान साबित हो सकती है किन्तु नियमित उपयोग के लिए नहीं हैं यह ध्यान रहना चाहिए। जैसे हम हर स्थिति से निपटने के लिए प्लैन ए और साथ में प्लैन बी भी बनाते हैं वैसे ही यह केवल प्लैन बी हो सकती है प्लैन ए नहीं। स्त्रियाँ वैसे ही अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होती हैं। कहीं यह आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली ही कोई आपदा न ले आए।

घुघूती बासूती

29 comments:

  1. bahut hi jaankaripurn laga yeh aapka lekh....aur kai baaton ko sochne ko bhi majbooor kiya.....

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  2. आपने इस गंभीर मुद्दे पर बेहद सजग लेख लिखा है।
    दरअसल बाजार या विज्ञापन इस गोली के परिणाम-दुशपरिणामों के बारे में नहीं सोचते हैं। उन्हें अपने माल को बेचने से मतलब होता है। अगर वे ऐसा कहेंगे तो कैसे कोई उनके माल को खरीदेगा?
    दूसरे हमारे समाज की दिक्कत यह है कि ये सिर्फ अपनी समस्या के समाधान के बारे में ही सोचता है, बाकी से इसे कोई सरोकार नहीं होता।
    इस मुद्दे पर गंभीर बहस यहां हो सकती है।

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  3. जानकारी भरे इस लेख के लिए बधाई!

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  4. आपका लेख जानकारीं से परिपूर्ण और बहुत सी सच्चाई को सामने रखने वाला रहा । आभार

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  5. आपने जानकारी प्रदान कर सच में सराहनीय कार्य किया है, आप बधाई के पात्र है।
    परन्तु क्या ये जिम्मेदारी सिर्फ़ हम लोगो की है आख़िर कब तक चलेगा ऐसा। आपने येह सिर्फ़ गर्भनिरोधक के बिषय में प्रकाश डाला है, ठीक इसीतरह cough syp, pain killers like crocin or etc जिनका tv पर बिग्यापन दिया जाता है वो भी हानिकारक है। अब जनता क्या करे या तो वो जानते नही या फ़िर वो पड़े लिखे नही ऐसी स्तिथि में कौन उन्हें टीवी पर बिग्यापन देने से रोके , जिनको ये सब रोकना चाहिये वो ख़ुद ही इन बातो को नही जानते, जो जानते थे जैसे डॉ रामदौस हमारेपूर्व स्वस्थ मंत्री उन्हें तो इस बात से फुरशत नही थी की वो कैसे एक Senior Dr. और देश के जानेमाने संस्ता के मुखिया को हटा सके।
    आपने वो जिम्मेदारी पूर्ण कर कुछ जानकारी देकर सरहनिय कार्य किया है।
    जाते जाते सभी पड़ने वालो को इतना कहना कहता हूँ सिर्फ़ विज्ञापन देखकर medicine का उपयोग न करे बल्कि अपने डॉ से सलाह ले। नही तो आप पर medicine के दूरगामी प्रभाव पड़ना निस्श्चित है.

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  6. what we all need to understand is to open communication with next genration , talk on issues that once were a taboo , give thorough and proper sex education to our children .

    girls who opt for these things are not the ones who will read our blogs . that class is a class where the issue of morality is meaning less and medical problems are easily handled .

    a class which uses rs 40000 for botox shots which will keep them young for 6 months has ample of knowledge on what is knowledge on what is good or bad and those who dont i believe dont indulge in such things

    as regds advertisements , there is ad by the govt which also promotes thse pills but wiht a warning that its not a regular contraceptive

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  7. बेहद जरूरी जानकारी को आपने बेहद संवेदनशीलता के साथ रखा है..अपनी आधी आबादी के स्वास्थ्य को हम ऐसे ही for granted नहीं ले सकते...इस सजग आलेख के लिए आपको महती आभार....

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  8. इस विषय पर मैं लिख नहीं पाया.

    आम गर्भनिरोधक गोली की तरह आपातकालिन गोली का सेवन शरीर के साथ खिलवाड़ है. गम्भीर परिणाम आएंगे.

    थोड़ा सा ध्यान दें तो बताया जाता है कि यह मात्र आपातकाल के लिए है. ध्यान ही न दे तो जिम्मेदार खूद ही होगें.

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  9. आपकी बातों का मर्म समझ रहा हूं। जब भी हम कोई नई चीज अपनाते हैं, तो हमारे मन में उससे मिलने वाला तुरंत लाभ होता है। अब जाहिर है कि उस चीज के कुछ दुष्परिणाम भी होंगे, इसलिए हमें उनको भी स्वीकारने के लिए मानसिक रूप से तैयार रचना चाहिए।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

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  10. एक बेहद गंभीर मुद्दा आपने उठाया है। लेकिन, हमारे समाज में इतने सारे पर्दे हैं कि जिसकी कोई हद नहीं। ऐसे में किसी भी नई उत्पाद वो भी सेक्स से संबंधित पर बातचीत बहुत मुश्किल लगता है।

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  11. Sahi kaha aapne....Is Upyogi aur Sarthka post ke liye aapka aabhaar !!!

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  12. इस गंभीर मुद्दे पर विस्तृत आलेख पढ़कर कई जानकारियां मिलीं।

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  13. "यह गोली बलात्कार या किसी अन्य आपदा में तो वरदान साबित हो सकती है किन्तु नियमित उपयोग के लिए नहीं हैं यह ध्यान रहना चाहिए। जैसे हम हर स्थिति से निपटने के लिए प्लैन ए और साथ में प्लैन बी भी बनाते हैं वैसे ही यह केवल प्लैन बी हो सकती है प्लैन ए नहीं। स्त्रियाँ वैसे ही अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होती हैं।"

    You are absolutely right, and specially due to social taboo many women do not seek medical advise before they indulge into marriage or sexual relationships and there is possibility of misuse.

    Thanks for writing this very important post

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  14. कोई भी दवाई बिना डॉ की सलाह के नहीं खानी चाहिए .हमारे देश में लोग अक्सर एक ही प्रेस्क्रिप्शन को लेकर अपने आप खाते रहते है ....डायबिटिज़ ओर ब्लड प्रेशर के रोगी अक्सर .......आपने जो कहा हम लोग अक्सर इसे देखते है ...

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  15. जहां तक गर्भधारण रोकने के उपायों का प्रश्न है वे स्त्रियों पर थोपे गए हैं ! संभवतः इस क्षेत्र में पुरुषों के वर्चस्व और गर्भ निषेध के उपायों को अपनाने से उसके अनमने / मनमानेपन ने यह स्थिति पैदा की है ! कारण जो भी हो भुगतना ज्यादातर स्त्रियों के हिस्से में आया है , फिर चाहे गर्भधारण करना हो याकि गर्भधारण करने से रोकने की गोलियां या उनके पश्चातवर्ती दुष्परिणाम !
    कल ही समाचारपत्र में पढ़ रहा था की पुरुषों के लिए 'मिरोध' नाम का इंजेक्शन आया है जो केवल तीन रुपये का है और उसे लगाकर पुरुष बच्चे पैदा करने की क्षमता हमेशा के लिए खो बैठेगा ! अगर यह सच है तो शायद ये स्त्रियों के लिए भी वरदान हैं इससे वे निषेधात्मक 'उपायों' से बच सकती हैं और उसके दुष्परिणामों से भी !
    बलात्कारी पुरुषों की सजा में इस इंजेक्शन का 'अतिरिक्त उपयोग' किया जा सकता है यानि 'कैद' के साथ इंजेक्शन फ्री !

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  16. बिल्कुल सटिक लिखा है आपने .......बढिया,कई दृष्टिकोण से सोचने के लिये मजबूर करती रचाना .......यह महिलाओ के लिये ही नही वरन पुरुषो के लिये भी उपयोगी रचना!बहुत बहुत धन्यवाद!

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  17. "हर उपाय का कुछ न कुछ मूल्य स्त्री के शरीर ने ही चुकाया है। किन्तु फिर भी यदि हानि लाभ को तोला जाए तो लाभ ही अधिक हुए हैं"

    महत्वपूर्ण मुद्दा और उस पर उम्दा आलेख।
    ज्ञानवर्धन के लिए शुक्रिया...

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  18. सचमुच यह चिंता का विषय है। चिकित्सा विषयक ज्ञान तो पढ़े-लिखे लोगों को भी नही होता फिर टी वी देखकर दवा लेने वालो से क्या उम्मीद की जा सकती है ।

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  19. एक अति आवश्यक आलेख और विस्तार एवं प्रसार मांगता संदेश...आशा करता हूँ कि यहाँ वहाँ से खबर बटोर छपता अखबार इस आलेख पर नजर लगाये.

    आपको साधुवाद!!

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  20. बहुत सटीक मुद्दा उठाया है आपने!

    वैसे तो प्रायः प्रत्येक एलोपैथी औषधि का साइड इफैक्ट होता है किन्तु जैसा कि मैंने अन्यत्र कहीं पढ़ा है गर्भनिरोधक गोलियों का बहुत अधिक कुप्रभाव होता है।

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  21. हर चीज की अपनी उपयोगिता पानी जगह है वशर्ते उचित स्तेमाल हो ! लोग हर चीज का नाजायज फायदा उठाना चाहते है, अधिकांशत : पुरुष ही दोषी है मगर महिलाओं को भी विवेक के इस्तेमाल की जरुरत है ! आपातकालीन परिस्थितियों में यह औषधी अमृत के समान भी है, यह भी हमें ध्यान में रखना चाहिए ! सुन्दर और जागरूक लेख !

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  22. बहुत सही मुद्दा उठाया आपने,मैने इसके विज्ञापन के औचित्य पर अपने ब्लाग पर सवाल उठाये थे तब मेरे डाक्टर मित्र ने इसके लगातार इस्तेमाल से होने वाले नुकसान पर भी लिखने को कहा था,जो मै नही लिख पाया।आपने बहुत सही लिखा है लेकिन इस देश मे बहुत कुछ गडबड़ है,आज बहुत सी दवाईंया तो केमिस्ट ही दे देता है बिना डाक्टर की सलाह के,और जिस पिल की आप बात कर रही है वो तो आज कल दवा दुकानो मे बन रहे शोकेस मे सज़ा कर ग्राहको को आकर्षित करने के काम आ रही है।

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  23. बहुत अधिक उपयोगी विषय को लिया है आपने ..आसानी ने मिलने वाली यह गोली किस कदर शरीर को नुक्सान देगी यह बताना बहुत जरुरी है ..

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  24. सार्थक, सटीक और सामायिक लिखा आपने ..आभार.

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  25. Sarthak aur satik baat likhi hai aapne.Aaj ke yuva logo ke liye.

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  26. सच में देर से पढ़ पाने का अफसोस है मुझे...इस पोस्ट के माध्यम से बहुत अच्छी जानकारी और संदेश मिलता है ...खासतौर पर महिलाओं के लिए...
    समीरजी सच कहते है।
    धन्यवाद।

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  27. ज्ञानवर्धक जानकारी |विज्ञापन की इस दुनिया में नित नई वस्तुओ का आकर्षण दिया जा रहा है घर बैठे चाहे वो खाने की हो
    या दैनिक जीवन में उपयोग में लेन वाली हो उनसे कितनी तरह का नुकसान किस तरह का नुकसान पंहुच रहा है वो कहाँ किसी को ज्ञात है ?बस विज्ञापन देखे और चले खरीददारी करने |

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  28. ज्ञानवर्धक जानकारी |विज्ञापन की इस दुनिया में नित नई वस्तुओ का आकर्षण दिया जा रहा है घर बैठे चाहे वो खाने की हो
    या दैनिक जीवन में उपयोग में लेन वाली हो उनसे कितनी तरह का नुकसान किस तरह का नुकसान पंहुच रहा है वो कहाँ किसी को ज्ञात है ?बस विज्ञापन देखे और चले खरीददारी करने |

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  29. उचित दिशा में जानकारी देता है ये लेख

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